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[2022] Floating solar power plant in the world

क्या आप जानते हैं दुनिया का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर पावर प्लान्ट floating solar कहा बनाया जा रहा है ? और क्यों? इसमें क्या खास है? इसके बनाने के पीछे लक्ष्य क्या है इत्यादि।

आइये आज हम जानते हैं दुनिया का सबसे बड़ा फ्लोटिंग सोलर प्लान्ट, यानी तैरता हुआ सोलर प्लान्ट सिंगापुर में बनाया जा रहा है। इस ऊर्जा संयंत्र को सिंगापुर में जलाशय पर स्थापित करने का निर्णय लिया गया है।

Floating solar power plant in the world

सिंगापुर में फ्लोटिंग सोलर फार्म क्यों बनाया जा रहा है?

दुनिया के सबसे छोटे देशों में एक सिंगापुर है, लेकिन यह एशिया में सबसे बड़ी प्रति व्यक्ति कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन की है। जल वायु परिवर्तन से निपटने के लिए देश दुनिया के सबसे बड़े अस्थायी सोर फार्म का Floating solar power plant in Singapor निर्माण कर रहा है।

singapore floating solar farm
singapore floating solar farm

इसने इन ऊर्जा संयंत्र को अपने तटो और जलाशय पर स्थापित करने का निर्णय लिया है। इस प्रोजेक्ट को सेम कोर इंडस्ट्रीज द्वारा बनाया जा रहा है और सौर ऊर्जा कुछ हद तक ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन में कटौती करेगी। आईए फ्लोटिंग सोलर फार्म के बारे में जानते हैं जैसा कि ऊपर बताया गया है कि सिंगापुर एशिया के सबसे बड़े कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन को में से एक है।

Floating solar panels

इसलिए इसमें ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन को कम करने के लिए फोटो वेलटिक फ्लोटिंग फार्म विकसित करने की योजना बनाई है। इस योजना के तहत जो हर स्टेट में सिंगापुर के तट में हजारों सोलर पैनल लगाने का निर्णय लिया गया। हालांकि, 13,000 पैनल को सी बैंड में लगाया जा रहा है और लगभग पांच मेगावॉट बिजली का उत्पादन कर सकते हैं ये औसतन एक वर्ष में 1400 अपार्टमेंट को बिजली दे सकता।

इसलिए सिंगापुर में अधिक नवीनीकरण ऊर्जा उत्पन्न करने के लिए आवश्यक सौर पैनलों को रखने के लिए पानी की ओर रुख किया। योजनाओ में दक्षिण पूर्व एशिया में सबसे बड़ा सोर फार्म है, जो कि 1,22,000 से अधिक सोलर पैनल लगाईं गयी है।

यह प्रोजेक्ट सिंगापुर जल प्रबंधन की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त इनर्जी उत्पादन करेगा। किसी सड़कों से 7000 कारोको हटाने के बराबर कार्बन उत्सर्जन को कम करने के उम्मीद है। इन सौर पैनलों को चीन से आयात किया जा रहा है और कंक्रीट के ब्लॉक के साथ जलासयो के फर्श पर लगाया जा रहा है।

सिंगापुर में नवीनीकरण ऊर्जा के बारे में अध्यन करते हैं। जैसे की हम जानते हैं कि सिंगापुर के पास पनबिजली के लिए कोई नदी नहीं है इसलिए नवीनीकरण ऊर्जा देश के लिए चुनौती है। पवन भी टरबाइनको घुमाने के लिए मजबूत नहीं है।

Solar floats

इसलिए तैरते हुए सोर फार्म को स्थापना के साथ सिंगापुर में नवीनीकरण ऊर्जा को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। और इस देश ने सौर ऊर्जा की तरफ रुख किया है, क्योंकि उसके पास बहुत कम भूमि स्थान है

floating solar power plant
Symbolic image: floating solar power plant

लॉस एंजिल्स के आधे आकार के बराबर देश ने अपने तटों और जलाशयों में ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने का फैसला किया। जलवायु परिवर्तन के कारण समुद्र के बढ़ते जलस्तर से सिंगापुर को खतरा है।

इसलिए देश को उत्सर्जन में कटौती की आवश्यकता है। सिंगापुर की सरकार ने इसके कारण कई ग्रीन प्लान का अनावरण किया है। इसमें कारों के उपयोग को प्रोत्साहन करने के लिए अधिक चार्जिंग पॉइंट बनाने, लैंडफिल पर भेजे गए कचरे की मात्रा को कम करने पर अधिक पेड़ लगाने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं।

India’s largest floating solar power plant

पर्यावरण को बचाने के लिए दुनिया भर में कई कोशिशों हो रही है और ऐसी ही कोशिश हो रही है, तेलंगाना के रामागुंडम नेशनल थर्मल पावर स्टेशन के जरिए जहाँ 450 एकड़ की जमीन को बचा लिया गया है।

तेलंगाना का रामागुंडम नेशनल थर्मल पावर स्टेशन भारत का सबसे बड़ा तैरता हुआ सोलर एनर्जी प्लांट है। 100 मेगावॉट का ये प्लान रोजाना 37.5 मेगावॉट बिजली बना रहा है। इस सोलर प्लांट से पहले विशाखापट्टनम का सिम्हाद्री फ्लोटिंग सोलर प्लांट सबसे बड़ा तैरता हुआ प्लान था। जो हर दिन 25 मेगावॉट बिजली बना रहा था।

37.5 मेगा वॉट तक की बिजली के उत्पादन की स्वीकृति मिल चुकी है। इसके अलावा अतिरिक्त 30 मेगावॉट के पैनल भी लगाए जा चूके हैं। जनवरी के आखिर तक इनका कमर्शल इस्तेमाल शुरू हो जाएगा।

NTPC का लक्ष्य है कि फरवरी तक इसकी क्षमता 100 मेगावॉट तक कर दी जाए। इन सोलर पैनलों को पानी की सतह पर इस तरह से लगाया जाता है की 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बहने वाली हवा के प्रभाव को जेल जाएंगे और अगर पानी की लहरें 10 मीटर तक ऊपर उठती है तो भी इन पर कोई असर नहीं होगा।

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Ramagundam floating solar power plant

Ramagundam solar power plant प्रोजेक्ट में 4,48,000 सोलर पैनल बनाए जा रहे हैं और भेल BHEL इस मिशन में मदद कर रहा है। इस प्रोजेक्ट की खासियत यह है कि इसमें इस्तेमाल की जाने वाली सभी मशीनरी और उपकरण पानी की सतह पर लगाए गए हैं।

Ramagundam floating solar power plant
Ramagundam floating solar power plant

इस प्रोजेक्ट की खासियत ये है कि ट्रांसफार्मर एन्वटार ब्रेकर सब कुछ पानी की सतह पर ही इंस्टॉल किया गया है। 100 मेगावॉट की क्षमता वाले रामागुंडम नेशनल थर्मल पावर प्लांट के फ्लोटिंग होने की वजह से लगभग 450 एकड़ की जमीन को बचा लिया गया है।

कोयले से चलने वाले इतनी क्षमता के पावर प्लांट में 1,50,000 टन कोयले की खपत होगी। नैश्नल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन को उम्मीद है कि ऐसे तैरते हुए सोलर प्लांट को बनाने से भविष्य में बिना पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए ऊर्जा की आपूर्ति होती रहेंगी।

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